इस वक्त की बड़ी खबर पटना से सामने आई है, जहां राजद के पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव को पटना हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में बाइज्जत बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को पलटते हुए यह फैसला सुनाया है।
सभी अभियुक्तों को मिली राहत
पटना उच्च न्यायालय की जस्टिस मोहित कुमार शाह की खंडपीठ ने राजबल्लभ यादव समेत सुलेखा देवी, राधा देवी, संदीप सुमन, टूसी देवी और छोटी देवी की अपीलों पर सुनवाई करते हुए सभी को दोषमुक्त करार दिया।
2016 में दर्ज हुआ था मामला
6 फरवरी 2016 को राजबल्लभ यादव पर नवादा स्थित अपने आवास पर एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। इस मामले के उजागर होने के बाद उन्हें राजद से निलंबित कर दिया गया था।
गंभीर आरोप, लेकिन प्रमाण नहीं
पीड़िता ने बयान में आरोप लगाया था कि उसे एक महिला ने बर्थडे पार्टी के बहाने गिरियक ले जाकर जबरन शराब पिलाने की कोशिश की और फिर उसके साथ दुष्कर्म हुआ। इस मामले में विशेष MLA/MP कोर्ट ने राजबल्लभ यादव को आजीवन कारावास, और अन्य आरोपियों को 10 से 20 साल तक की सजा और आर्थिक दंड सुनाया था।
सरकार की ओर से 20 गवाहों की गवाही हुई थी, जबकि बचाव पक्ष की ओर से 15 गवाहों ने बयान दिए।
हाईकोर्ट का फैसला: सबूतों में दम नहीं
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष पीड़िता के आरोपों को प्रमाणित करने में विफल रहा। ऐसे में सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाता है।
यह फैसला 7 मई 2025 को सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे आज सुनाया गया।
इस फैसले के साथ ही बहुचर्चित रेप कांड में राजबल्लभ यादव और अन्य आरोपियों को कानूनी राहत मिल गई है, जबकि निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट ने पूरी तरह खारिज कर दिया।